29 मई तक मुंबई पुलिस की हिरासत में रहेंगे मयप्पन कर्नाटक में एस आर पाटिल मंत्रीपरिषद में हुए शामिल यरवदा जेल में कैदी संख्या 16656 बने हैं संजय दत्त पाकिस्तान में स्कूल बस में आग, 17 बच्चों की मौत कश्मीर में LOC के नजदीक गोलीबारी, ब्रिगेडियर घायल दिल्ली में गर्मी से राहत नहीं, तपिश से लोग बेहाल शुक्र, बृहस्पति और बुध करेंगे अनोखा खगोलीय मिलन शुक्र, बृहस्पति और बुध करेंगे अनोखा खगोलीय मिलन बोस्टन बम धमाके पर गीत लिखने वाले रैपर को जेल काबुल में तालिबान का हमला, पांच आतंकियों की मौत
मनुष्य के भीतर बुद्ध होने की क्षमता है। बुद्धत्व का अर्थ है, तुम्हारे भीतर जो छिपा पड़ा है ज्योतिपुंज, उसके आसपास का धुआं हट जाए। आगे पढे
देवभूमि कहे जाने वाले हिमाचल प्रदेश के मनोहारी पर्यटक स्थल धर्मशाला में स्थित कुनाल पथरी मंदिर की गिनती 52 शक्तिपीठों में की जाती है। आगे पढे
एक बार देवर्षि नारद ने महादेव के सामने अपने त्याग, तप और संयम का गर्वपूर्ण वर्णन किया। इस पर महादेव जी ने उन्हें आज्ञा दी, ‘ऐसा विष्णु जी के सामने मत कहना।’ आगे पढे
जीवात्मा का परमात्मा के साथ एकाकार होना ही योग है। ‘परमात्मा’ और ‘जीवात्मा’ क्या है? आकाश का चांद मानो परमात्मा है और सरोवर में उसकी प्रतिच्छाया जीवात्मा है। आगे पढे
21 मई (मंगलवार)
मोहिनी एकादशी व्रत।
22 मई (बुधवार)
प्रदोष व्रत। राष्ट्रीय ज्येष्ठ मास प्रारंभ। परशुराम द्वाद्वशी।
23 मई अप्रैल (गुरुवार) आगे पढे
22 मई को दिन भर आद्र्रा नक्षत्र रहेगा। यह नक्षत्र आता है मध्याक्ष अर्थात मध्यम दृष्टि वाले नक्षत्रों में। आगे पढे
‘कल से करूंगा’, यह जुमला मन के अंदर गहराई से जमी हुई चालाकी है। जीवन के कई चरणों पर आपने इस मायाविनी चालाकी को बढ़ावा दिया है। बस, एक बात समझ लीजिए। आगे पढे
आध्यात्मिक दुनिया में बुलंदी पर जाने के बाद और लोगों को नेक जीवन की तरफ मार्गदर्शित करने के बाद ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती ने अजमेर को अपना स्थायी केन्द्र बना लिया। आगे पढे
भारत को जीवित रहना ही था, इसलिए पुन: भगवान का आविर्भाव हुआ। जिन्होंने कहा था, ‘जब कभी धर्म की हानि होती है, तभी मैं आता हूं’- वे फिर से आए। आगे पढे
14 मई (मंगलवार)
सूर्य की वृष संक्रांति रात्रि 10 बज कर 22 मिनट से। पुण्य काल सायं 3 बज कर 58 मिनट से सूर्यास्त तक।
आगे पढे
भारतीय मनीषा के अनुसार चराचर जगत में उस सर्वशक्तिमान की सत्ता व्याप्त है, जिसे ब्रह्मा कहते हैं। ब्रह्मा के ही विग्रह रूप को शिव, विष्णु और ब्रह्मा कहा गया है। आगे पढे
तुम चोरी कर सकते हो, क्योंकि तुम जिस व्यक्ति की चोरी कर रहे हो उसके प्रति तुम्हारे मन में कोई प्रेम नहीं है। आगे पढे
महर्षि बीमार थे। आखिरी समय में उनके शरीर ने साथ देना बंद कर दिया था। उन्हें गले का कैंसर था। रमण आश्रम से जुड़े लोग जानते थे कि अब चलाचली की वेला है। आगे पढे
उत्तराखंड के चार धामों में केदारनाथ धाम की यात्रा में यात्री को कष्ट जरूर उठाने पड़ते हैं, किंतु यहां की यात्रा अत्यंत फलदायी होती है। आगे पढे
हिन्दुओं के चार धामों में से एक बद्रीनाथ धाम है। देवभूमि उत्तराखंड के सीमांत चमोली जिले में करीब 3,133 मीटर की ऊंचाई पर नर-नारायण पर्वतों के मध्य श्री बद्रीनाथ मंदिर स्थित है। आगे पढे
स्थानीय ख़बरें
एन सी आर
पंजाब
उत्तराखंड
उत्तर प्रदेश
बिहार
झारखंड
लाइवहिन्दुस्तान पर अन्य ख़बरें
आज का मौसम राशिफल



