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महंगी पड़ रही है सिटी बस की मुफ्त सैर
कार्यालय संवाददाता गुड़गांव। First Published:26-05-2012 10:17:29 PMLast Updated:00-00-0000 12:00:00 AM

 सिटी बस भले ही सस्ते में पूरे शहर का चक्कर लगवा रही हो लेकिन ऐसे लोगों की भी कमी नही जो इसका आनंद मुफ्त में ही लेना चाहते हैं। चेकिंग के दौरान रोजाना ऐसे करीब 25 यात्री धरे जा रहे हैं। रोडवेज के चेकिंग स्टाफ को चारों रूटों पर बेटिकट यात्री मिल रहे हैं। रोडवेज ने चेकिंग के लिए छह टीमें बनाई हैं।

सिटी बस सेवा शुरू हुए महज दो ही हफ्ते हुए हैं। इसके जरिए पूरा शहर महज पांच से आठ रूपये की जद में है। बावजूद इसके कई लोगों को मुफ्त में सवारी करना ही रास आ रहा है। ऐसे 20 से 25 यात्री चेकिंग स्टाफ की गिरफ्त में भी आ रहे हैं। जीएम यशेंद्र सिंह ने बताया कि रोडवेज के पास करीब 34 लोगों का चेकिंग स्टाफ है। साथ ही छह चेकिंग टीम हैं। सभी संबंधित इंस्पेकटरों को सिटी बस की चेकिंग के निर्देश दिए गए हैं। पकड़े जाने पर निर्धारित दूरी के किराए का दस गुना वसूलने का नियम है। रोजाना 1200 से 1500 की आय रोडवेज को बेटिकट यात्राियों से वसूली के जरिए हो रही है। इसी माह की 12 तारीख से शुरू हुई सिटी बस सेवा की शुरूआत से ही बेटिकट यात्राियों के पकड़े जाने का सिलसिला शुरू हो गया था। फिलहाल चार रूट डूंडाहेड़ा से राजीव चौक, केंद्रीय विहार से बस स्टैंड, रेलवे  स्टेशन से हुडा सिटी सेंटर व करोल बाग से मानेसर के लिए बसें दौड़ रही हैं। इनमें 36 नॉन एसी सेमी लो फ्लोर व 15 एसी बसें शामिल हैं। इन बसों में बेटिकट यात्री धरे जा रहे हैं।

25 बेटिकट यात्री धरे जा रहे हैं रोजाना
36 लोगों का है चेकिंग स्टाफ
1400 रूपये तक हो रही है रोजाना वसूली
04 रूटों पर दौड़ रही हैं बसें

 
 
 
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