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मेरी किस्मत मुझे फिल्मों में ले आई: जेनेलिया डिसूजा
आरती सक्सेना First Published:26-08-09 03:26 PMLast Updated:26-08-09 03:28 PM

लाइफ पार्टनर में आपके अभिनय की तारीफ हो रही है। इसमें आपने अमीर बाप की बिगड़ी हुई बेटी का किरदार निभाया। कैसा लगा?
मैंने जब इस फिल्म की कहानी सुनी थी, तभी मैं समझ गई थी कि मेरा इस फिल्म में रोल दिलचस्प है। अमीर बाप की बिगड़ी हुई बेटी का किरदार होने के बावजूद इस किरदार में कॉमेडी टच था। फिल्म भी कॉमेडी है, इसलिये दर्शक भी इस फिल्म को देख कर एन्जॉय कर रहे हैं।

‘जाने तू या जाने ना’.. के पूरे एक साल बाद आपकी यह फिल्म रिलीज हुई। कोई खास वजह?
वजह तो कोई खास नहीं है। बस इतना ही है कि मेरी तीन-चार फिल्में फ्लोर पर थीं, लेकिन रिलीज होने में समय लग गया।

फिलहाल आप और कौन-सी फिल्में कर रही हैं?
एक फिल्म केन घोष की ‘याहु’ कर रही हूं-शाहिद कपूर के साथ और एक फिल्म हरमन बावेजा के साथ कर रही हूं। अनीज बज्मी की यह फिल्म पिता-पुत्र के रिश्तों पर आधारित है। इसमें पिता के रोल में नाना पाटेकर हैं। इस फिल्म में भी मेरा अच्छा रोल है ।

आप अपने लाइमलाइट में आने का आमिर खान को कितना क्रेडिट देती हैं? 
मुझे खुशी है कि आमिर खान की वजह से मुझे इस फिल्म में काम करने का मौका मिला। दरअसल जब मैं इस फिल्म के ऑडिशन के लिये आई थी, तब कुछ लोगों को मैं इस रोल के लिए परफेक्ट नहीं लगी थी, लेकिन आमिर खान ने मुझ पर विश्वास करके मुझे इस फिल्म में काम करने का मौका दिया और मेरे करियर को नया मोड़ दिया, जिसके लिये मैं हमेशा उनकी शुक्रगुजार रहूंगी।

इमरान खान के साथ आप दोबारा किसी फिल्म में नजर नहीं आईं?
मुझे खुद इस बात का आश्चर्य है कि ‘जाने तू..’ की सफलता के बावजूद मुझे इमरान के साथ एक भी फिल्म ऑफर नहीं हुई । जाने तू की शूटिंग के दौरान मेरी इमरान से अच्छी दोस्ती हो गई थी। भविष्य में अगर मौका मिला तो मैं उसके साथ और फिल्में भी करना चाहूंगी।

आपकी पहली फिल्म ‘ तुझे मेरी कसम’ के हीरो रितेश देशमुख के साथ आपके अफेयर के चर्चे हैं। सुना है आप शादी करने की योजना बना रही हैं?
इन बातों में कोई सच्चाई नहीं है। मैं रितेश की मम्मी से इसलिए मिली थी, क्योंकि रितेश मेरा पुराना दोस्त है और इस लिहाज से मेरे उसके परिवार से भी दोस्ताना ताल्लुकात हैं।

क्या आप को फिल्मों में काम पाने के लिये संघर्ष करना पड़ा?
नहीं.. क्योंकि मेरी किस्मत मुझे फिल्मों में ले आई। दरअसल मैं एक विवाह समारोह में गई थी। वहां मेरी मुलाकात एक एड एजेंसी वाले से हुई। उसने मुझसे मेरे फोटोग्राफ्स मांगे और उसके बाद मुझे मॉडलिंग का ऑफर मिल गया। मॉडलिग करते-करते मैं फिल्मों में आ गई, लिहाजा मुझे संघर्ष करने का मौका ही नहीं मिला।

देश-विदेश में शूटिंग की व्यस्तता के चलते क्या आप अपने परिवार वालों को मिस करती हैं?
नहीं, क्योंकि शूटिंग के दौरान मेरी मम्मी साथ ही रहती हैं, इसलिये मम्मी को मिस करने का या घर को मिस करने का सवाल ही नहीं उठता।

आपने हिन्दी फिल्मों के साथ-साथ साउथ की भी फिल्में की हैं। कोई खास वजह?
क्योंकि मेरा मानना है कि अभिनय किसी भाषा का मोहताज नहीं होता, इसलिये मुङो जहां अच्छे रोल ऑफर होते हैं, मैं वहां फिल्म साइन कर लेती हूं। फिर चाहे वह हिन्दी फिल्में हों या साउथ की।

 
 
 
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