मनमोहन ने उत्तराखंड को 1000 करोड़ देने का किया ऐलान बिग बॉस: सिख भावनाओं के अपमान मामले में फैसला नहीं मोदी तानाशाह हैं और राजनाथ चालाक: सुधीन्द्र कुलकर्णी ममता ने माकपा पर हत्या की साजिश का आरोप लगाया दिल्ली सरकार को अफजल की फांसी की सूचना थी: केंद्र गंगा को राष्ट्रीय धरोहर घोषित किये जाने की मांग उठी नीतीश ने हासिल किया विश्वास मत, कांग्रेस ने दिया साथ
नीतीश ने हासिल किया विश्वास मत, कांग्रेस ने दिया साथ
राजा भैया का होगा पॉलीग्राफ परीक्षण, अदालत की इजाजत राजा भैया का होगा पॉलीग्राफ परीक्षण, अदालत की इजाजत
तालिबान का मसला
First Published:15-05-12 10:21 PM
अफगानिस्तान के साथ हमारे रिश्ते कई स्तरों पर हैं। इसलिए भी हमारी विदेश नीति के एजेंडे पर अमेरिकी हावी रहते हैं। दरअसल, पूरे अफगान मामले में कई ‘खिलाड़ी’ एक साथ शामिल हैं। इनकी राहें जुदा-जुदा हैं, पर चाल लगभग एक समान। गुजरे इतवार को ‘ट्री-पार्टी कमीशन’ की 35वीं बैठक हुई। इसमें अफगानिस्तान में नाटो फौज के कमांडर और पाकिस्तान व हिन्दुस्तान के आर्मी चीफ शामिल हुए। इस बार सरहद पर अमन-चैन को पुख्ता करने पर जोर डाला गया। साथ ही सलाला जैसी घटनाएं आईंदा न घटें, इसे लेकर एक व्यवस्था बनाने पर सहमति बनी। दोनों तरफ के नुमाइंदे इस बात को जानते-समझते हैं कि सरहदी इलाकों में आपसी तालमेल की सख्त जरूरत है, क्योंकि इन इलाकों में अक्सर जंग जैसा माहौल बना रहता है, जिससे दोनों ही तरफ गलतफहमियां पैदा होती हैं। बहरहाल, यह गुफ्तगू फौज-से-फौज की रही। वैसे, यह गुफ्तगू इस लिहाज से बिल्कुल अलग कही जा सकती है कि इसके कामकाज का तरीका कूटनीतिक नहीं, बल्कि उससे काफी अलग था। उसमें तो मैदान-ए-जंग की हकीकत पर तब बहस होती है, जब कोई गलती कर बैठता है। जैसे, पिछले साल नवंबर महीने में अमेरिकी फौज से गलती हुई थी। यही नहीं, कूटनीतिक नक्शे पर बहुत कुछ साफ-साफ नहीं दिखता। पल भर में जंग जैसा माहौल बन जाता है। सीनेटर डी. फेनस्टेन के बयानों से तो कम से कम यही लगता है। उन्होंने इतवार को कहा कि पाकिस्तान तालिबान के खात्मे के लिए जो कर रहा है, वह न केवल नाकाफी है, बल्कि ऐसा लगता है कि वह तालिबान के लिए ‘पनाहगाह’ बन गया है। फेनस्टेन के मुताबिक, अफगानिस्तान की एक-तिहाई जमीन पर तालिबान का कब्जा है। शायद इसमें हकीकत हो। लेकिन वह यह भी कहती हैं कि तालिबान को फौज के जरिये हराया जा सकता है। यह मुमकिन नहीं लगता। उन्होंने कहा कि ‘दोनों मुल्कों में तालिबान के खात्मे की चाबी’ पाकिस्तान के पास है। जाहिर है, वह सही कह रही हैं। लेकिन जब वह कहती हैं कि ‘महफूज पनाहगाह को खत्म’ करने के लिए पाकिस्तान कुछ नहीं कर रहा है, तो यह एक सरासर झूठ है।
द न्यूज, पाकिस्तान
द न्यूज, पाकिस्तान
00

अन्य
टिप्पणियाँ
स्थानीय ख़बरें
एन सी आर
पंजाब
उत्तराखंड
उत्तर प्रदेश
बिहार
झारखंड
लाइवहिन्दुस्तान पर अन्य ख़बरें
आज का मौसम राशिफल



ई-मेल
