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मैंने अपने लिए, परिवार या मित्रों के फायदे के लिए सरकारी पद का दुरुपयोग नहीं किया: मनमोहन सिंह।भाजपा जनता का ध्यान गैर मुद्दों की ओर ले जाने के लिए भ्रष्टाचार की बीन बजा रही है: मनमोहन।सलीम और शबनम की मौत की सजा को तामील कराने का वारंट रद्दसुप्रीम कोर्ट ने दिया आदेश, 2008 में दोनों ने परिवार के सात सदस्यों की हत्या की थी।
दूसरे विकल्प बने ब्लू लाइन जैसे जानलेवा
नई दिल्ली अंकुर शर्मा First Published:30-04-12 12:30 AM

दिल्ली की सड़कों से ब्लू लाइन बसों का खौफ भले ही खत्म हो गया हो, मगर सड़क हादसों में लोगों का मारा जाना बदस्तूर जारी है। दिल्ली पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक इस साल पहले चार महीनों में डीटीसी, ग्रामीण सेवा, मिनी बस या आरटीवी और अन्य बसों ने पिछले बार के मुकाबले दोगुने से भी ज्यादा लोगों की जान ली है।

हालांकि सड़क हादसों में मरने वालों की संख्या कम हुई है। पिछले साल सड़क दुर्घटनाओं में जान गंवाने वालों की संख्या 610 थी, जो इस साल घटकर 497 हो गई। इस साल दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के लिए बड़ी चुनौती ग्रामीण सेवा और आरटीवी या मिनी बसें हैं। दूसरी चुनौती है टेंपो, ट्रैक्टर और कंटेनर। इनकी वजह से पिछले साल के मुकाबले इस बार 14 अधिक जानें गईं। वहीं पिछले साल 28 के मुकाबले इस वर्ष 33 ड्राइवर मारे गए।

 
 
 
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