शनिवार, 25 मई, 2013 | 14:28 | IST
  RSS |    Site Image Loading Image Loading
ब्रेकिंग
बीसीसीआई अध्यक्ष एन श्रीनिवासन ने कहा, इस्तीफा देने का कोई इरादा नहीं।मुझे इस्तीफा देने के लिए डराया या धमकाया नहीं जा सकता : श्रीनिवासनआईपीएल कांड में गिरफ्तार चेन्नई सुपर किंग्स के गुरूनाथ मयप्पन मुंबई के मेट्रोपॉलिटन अदालत में पेश।
 
आज भी याद है सचिन के वो तीन छक्के: कादिर
नई दिल्ली, एजेंसी
First Published:24-04-10 10:59 AM
Last Updated:24-04-10 11:02 AM
 ई-मेल Image Loadingप्रिंट  टिप्पणियॉ: (0) अ+ अ-
अब्दुल कादिर के जेहन में पेशावर में 21 बरस पहले खेले गए उस नुमाइशी टी-20 मैच की यादें आज भी ताजा हैं जब उनके ओवर में तीन छक्के जड़ने वाले 16 बरस के सचिन तेंदुलकर ने पाकिस्तानी खेमे में खलबली मचा दी थी और तभी इस अनुभवी स्पिनर ने भांप लिया था कि क्रिकेट को कोहिनूर हीरा मिल गया है।

24 अप्रैल को अपना 37वां जन्मदिन मना रहे तेंदुलकर ने भले ही क्रिकेट के दर्जनों कीर्तिमान अपने नाम कर लिए हों लेकिन 1989 में पाकिस्तान दौरे पर टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण करने वाले बालक सचिन को देखकर कादिर समेत सभी क्रिकेटर दंग रह गए थे।

कादिर ने कराची से दिये इंटरव्यू में कहा कि हम सभी को लगा कि यह स्कूली बच्चा क्रिकेट खेलने कैसे आ गया था। सचिन बहुत छोटा दिखता था। लेकिन उसकी काबिलियत पता चली पेशावर में खेले गए नुमाइशी टी-20 मैच में।

उन्होंने बताया कि उस समय क्रिस श्रीकांत और सचिन क्रीज पर थे। मैंने श्रीकांत को एक ओवर मैडन डाला और दूसरे छोर पर खड़े सचिन से कहा कि अगले ओवर में वह मुझे छक्का लगाए। सचिन ने पहली, दूसरी और पांचवीं गेंद पर छक्का जड़ा। उस ओवर में 28 रन बने और तभी मैं जान गया कि यह आने वाले समय में दुनिया का सबसे बड़ा बल्लेबाज बनेगा।
     
पाकिस्तान क्रिकेट के पूर्व मुख्य चयनकर्ता ने कहा कि मैंने सचिन को बच्चा समझकर लॉलीपॉप गेंद नहीं डाली थी बल्कि अपने पूरे अनुभव का निचोड़ उसमें डाल दिया था। यह सचिन का कमाल था कि उसने इन गेंदों को पीटा और मुश्ताक अहमद के अगले ओवर में भी चार छक्के मारे।

कादिर ने कहा कि मैंने हर छक्के पर ताली बजाई और ओवर खत्म होने के बाद उसे बधाई भी दी। बाद में उस दौरे पर हमेशा मैंने गले लगाकर उसका स्वागत किया।

उन्होंने कहा कि उस दौरे के बाद लंबे समय तक सचिन अपने इंटरव्यू में कहता रहा कि उस ओवर में प्रदर्शन उनकी जिंदगी का सबसे बड़ा सरमाया है। बाद में उन्होंने इतने रिकॉर्ड बनाए और उनका क्रिकेट का सफर इतना सुनहरा हो गया कि ये यादें छोटी पड़ गई लेकिन मैं अपनी जिंदगी में कभी उस ओवर को नहीं भूल सकता।

सचिन ने उस मैच में 18 गेंदों पर 53 रन बनाए। उस समय भारत के कप्तान रहे श्रीकांत ने इसे सर्वश्रेष्ठ पारी करार दिया था। टेस्ट सीरीज में उसने 35.83 की औसत से 215 रन जोड़े।
    
कराची में पहले टेस्ट में सचिन और वकार युनूस दोनों ने टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू किया था। इसी दौरे पर सियालकोट मैच में नाक पर बाउंसर लगने के बावजूद सचिन ने मैदान नहीं छोड़ा। कादिर ने बताया कि कराची टेस्ट में वकार ने उसे पहली ही गेंद काफी तेज आउटस्विंग डाली। पहला मैच खेल रहे सचिन ने बेहद बहादुरी से पैर आगे निकालकर उसे खेला। पहले ही मैच में उसका यह साहस साबित करता था कि वह कोई आम क्रिकेटर नहीं है। अल्लाह ने उसे कुछ खास हुनर नवाजा है।
  

 
 Image Loadingई-मेल Image Loadingप्रिंट  टिप्पणियॉ: (0) अ+ अ- share  स्टोरी का मूल्याकंन
 
 
टिप्पणियाँ
 

लाइवहिन्दुस्तान पर अन्य ख़बरें

आज का मौसम राशिफल
अपना शहर चुने  
बादलसूर्यादय
सूर्यास्त
नमी
 : 7:14 AM
 : 17:48 PM
 : 70% %
अधिकतम
तापमान
21.9°
.
|
न्यूनतम
तापमान
8.5°