गुरुवार, 27 नवम्बर, 2014 | 04:12 | IST
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गावस्कर ने कहा, सीनियर्स को हटाओ
नई दिल्ली, एजेंसी First Published:27-01-12 06:07 PM
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पूर्व भारतीय कप्तान सुनील गावस्कर ने शुक्रवार को कहा कि आस्ट्रेलिया के निराशाजनक टूर के बाद कम से कम तीन सीनियर क्रिकेटरों को दोबारा राष्ट्रीय टेस्ट टीम में नहीं चुना जाना चाहिए।
 
भारतीय टीम एडिलेड में चौथे और अंतिम टेस्ट में करारी हार के बाद लगातार दूसरी टेस्ट सीरीज में वाइटवाश शिकस्त की ओर बढ़ रही है और गावस्कर ने कहा कि अब समय आ गया है जब विराट कोहली जैसे खिलाड़ियों को और जिम्मेदारी सौंपनी चाहिए।
 
उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि कम से कम तीन या चार खिलाड़ियों ने आस्ट्रेलिया में अपना अंतिम टेस्ट खेल लिया होगा। मैं ऐसा इसलिये कह रहा हूं क्योंकि भारत का अगला टेस्ट मैच छह आठ महीने बाद खेला जायेगा। अब चयनकर्ताओं को युवा खिलाड़ियों को चुनना चाहिए जो आने वाले कई वर्षों तक देश का प्रतिनिधित्व करेंगे।
 
गावस्कर ने हालांकि उन युवाओं का नाम लेने से इंकार कर दिया जिन्हें सीनियर खिलाड़ियों की जगह आना चाहिए। उन्होंने कहा, यह चयनकर्ताओं का काम है, मेरा नहीं। गावस्कर ने मजाकिया लहजे में कहा कि भारत को अंतत: टेस्ट सीरीज में किसी पारी के दौरान आस्ट्रेलियाई टीम से ज्यादा रन बनाने का मौका मिलेगा अगर कल वे दो और रन बना लेते हैं।

गावस्कर ने कहा कि आस्ट्रेलिया ने दूसरी पारी पांच विकेट पर 166 रन पर घोषित की और आज भारत के स्टंप तक छह विकेट पर 166 रन थे। अगर भारत कल दो और रन बना लेगा तो वे इस सीरीज में दूसरी पारी में आस्ट्रेलिया से ज्यादा रन बना लेंगे।
 
यह पूछे जाने पर कि क्या उन्हें ऐसी कोई घटना याद है जिसमें भारतीय बल्लेबाजों को धीमे गेंदबाज ने रोका हो जैसा कि आस्ट्रेलियाई आफ स्पिनर नाथन ल्योन ने किया है तो उन्होंने कहा कि भारतीय बल्लेबाज दबाव में आ गये हैं। टीम में ऐसा दबाव बना हुआ है कि अनुभवी खिलाड़ियों पर भी इसका असर पड़ रहा है।
 
गावस्कर ने एनडीटीवी से कहा कि ऐसा लगता है कि टीम का माहौल झुकने वाला हो गया है। वापसी करने या संघर्ष करते हुए हारने जैसी कुछ चीज नहीं है। इसलिये वे विदेशी सरजमीं पर लगातार आठवीं टेस्ट शिकस्त की कगार पर खड़े हैं। उन्होंने कहा कि एडिलेड में शतक जड़ने वाले कोहली को तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी के लिये उतारना चाहिए।
 
उन्होंने कहा कि हां, कोहली को तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी के लिये खिलाना चाहिए। लेकिन अब यह मौका निकल चुका है। आने वाले वर्षों में तीसरा स्थान उसका होगा और उसे एडिलेड में इसी स्थान पर बल्लेबाजी के लिये उतारना चाहिए था। गावस्कर ने कहा, विराट ने आस्ट्रेलिया में शतक जमाया, वह ऐसा करने वाला एकमात्र खिलाड़ी था। उसका आत्मविश्वास निश्चित रूप से इस शतक से बढ़ा होगा और वह फार्म से बाहर चल रहे खिलाड़ियों का थोड़ा बचाव भी कर सकता था।
 
उन्होंने कहा कि सीनियर खिलाड़ियों को विराट द्वारा बचाया जा सकता था, क्योंकि कौन जानता है कि एडिलेड में अंतिम दो दिनों में सीनियर खिलाड़ियों ने अच्छा प्रदर्शन किया होता। गावस्कर ने कहा कि भारत ने विराट के साथ प्रयोग करने का मौका गंवा दिया। वेस्टइंडीज और इंग्लैंड में भी ऐसा ही हुआ था। ऐसे अतिरिक्त प्रयास से भारत वेस्टइंडीज में सीरीज 3-0 से जीत सकता था। इंग्लैंड में वे मैदान पर ही नहीं, बल्कि सोच में भी कारगर नहीं थे।

 
 
 
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