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दोगुनी हो सकती हैं कॉल दरें
नयी दिल्ली, एजेंसी First Published:08-05-12 06:32 PM
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प्रमुख दूरसंचार कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों ने चेताया है कि यदि स्पेक्ट्रम मूल्य पर क्षेत्र के नियामक ट्राई की सिफारिशों को स्वीकार किया गया तो कुछ सर्किलों में कॉल दरें दोगुनी हो जाएंगी। दूरसंचार कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों ने दूरसंचार मंत्री कपिल सिब्बल से इस मसले पर मुलाकात की।

भारती एयरटेल के सीईओ संजय कपूर ने संवाददाताओं से कहा कि यदि इन सिफारिशों को लागू किया गया, तो कुछ सर्किल ऐसे हैं जहां कॉल दरें 100 प्रतिशत से अधिक बढ़ जाएंगी। उन्होंने कहा, एक सर्किल में स्पेक्ट्रम की लागत, आरक्षित मूल्य 7 करोड़ रुपए है, तो वहीं कुछ महानगर हैं जहां यह 717 करोड़ रुपए है। इस तरह अंतर 100 गुना का है।

भारती एयरटेल, वोडाफोन इंडिया, आइडिया सेल्युलर, यूनिनॉर और वीडियोकॉन के प्रमुखों ने मंगलवार को सिब्बल और दूरसंचार सचिव आर चंद्रशेखर से मुलाकात कर भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) की सिफारिशों के प्रभाव पर चर्चा की।

इससे पहले दिन में सीडीएमए ऑपरेटर सिस्तेमा श्याम टेलीसर्विसेज, रिलायंस कम्युनिकेशंस, टाटा टेलीसर्विसेज और सीडीएमए संगठन ऑस्पी के अधिकारी भी मंत्री से मिले थे। कपूर ने कहा कि मुख्य रूप से बातचीत दो विषयों पर हुई। एक आरक्षित मूल्य और नीलामी पर ट्राई की सिफारिशें और दूसरे स्पेक्ट्रम की रिफार्मिंग।

उन्होंने कहा कि ट्राई ने कहा है कि इन सिफारिशों से कॉल दरों में दो पैसे का इजाफा होगा, पर यह आकलन निकालते वक्त नियामक ने मांग की मूल्य सापेक्षता पर विचार नहीं किया। कपूर ने कहा कि कीमत बढ़ने पर मांग घटेगी। यह मानकर चला गया है कि मांग स्थिर रहेगी, जो गलत है। इन सिफारिशों के लागू होने के बाद 30 पैसे प्रति मिनट का असर पड़ेगा, 2 पैसे प्रति मिनट का नहीं।

ट्राई ने एक मेगाहर्ट्ज के अखिल भारतीय स्पेक्ट्रम के लिए 3,622 करोड़ रुपए के आधार मूल्य की सिफारिश की है। पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा के कार्यकाल में 2008 में 4.4 मेगाहटर्ज स्पेक्ट्रम के साथ दिए गए 2जी लाइसेंस के मूल्य का यह लगभग दस गुना है।      

कपूर ने कहा कि ट्राई ने गणना के लिए सिर्फ 1800 मेगाहटर्ज बैंड में 576 मेगाहटर्ज पर विचार किया है। वास्तव में 1,167.40 स्पेक्ट्रम उपलब्ध होगा। कपूर ने कहा कि अंतर तीन गुना का है। ट्राई ने सिर्फ 93,000 करोड़ रुपए को संज्ञान में लिया है, जबकि हम जो स्पेक्ट्रम बता रहे हैं उसका मूल्य 2,84,000 करोड़ रुपए बैठता है।

भारतीय एयरटेल के सीईओ ने आरोप लगाया कि स्पेक्ट्रम की कृत्रिम कमी दिखाई जा रही है। सिर्फ 20 प्रतिशत की बाजार में नीलामी हो रही है, जिससे पता चलता है कि इसकी कृत्रिम रूप से कमी दिखाई जा रही है।

 
 
 
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