शनिवार, 26 जुलाई, 2014 | 08:35 | IST
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फूलों की रंग-बिरंगी दुनिया
शुभा दुबे
First Published: 15-01-13 01:18 PM

फूलों से सजने के बाद घर हो या स्कूल हर जगह सुंदर लगने लगती है। बेला, गुलाब, जूही, गेंदा, चंपा, चमेली, कितने ही फूलों के नाम तुम जानते होगे। हमारे देश में करीब 15,000 तरह के फूलों की किस्में मिलती हैं। आज हम तुम्हें कुछ ऐसे फूलों के बारे में बताएंगे, जिनके रंग और खुशबू इस मौसम में तुम्हारे घर को खुशनुमा बना देंगे। तो चलो चलते हैं फूलों की दुनिया में शुभा दुबे के साथ

फूलों का राजा गुलाब
लाल, पीले, गुलाबी, सफेद और न जाने कितने ही रंगों में खिलने वाला यह फूल अपने आप में बेहद ही खास है। अपनी मनमोहक खुशबू और दिल में बस जाने वाली खूबसूरती के कारण ही गुलाब फूलों का राजा कहलाता है। दुनिया में गुलाब की लगभग 100 प्रजातियां पाई जाती हैं। जिस तरह हम कीमती और खूबसूरत चीज को बचाने के लिए सुरक्षा का इंतजाम करते हैं, उसी तरह अपने इस खूबसूरत और नाजुक फूल को बचाने के लिए प्रकृति ने उसमें कांटे भी दिए हैं।

तुम सब जानते होगे कि अंग्रेजी में गुलाब को रोज कहते हैं। लेकिन गुलाब का यह इंग्लिश नाम फ्रांसीसी शब्द से आया। गुलाब की खूबसूरती के कारण इसे ज्यादातर सजावटी पौधे के तौर पर लगाया जाता है, साथ ही पूरी दुनिया में इसका व्यापार भी किया जाता है।
 
हम सभी को गुलाब की खुशबू बेहद पसंद होती है, इसलिए इससे तैयार होने वाले परफ्यूम की बाजार में बड़ी मांग है। इसकी पत्तियों की मदद से गुलाबजल बनाया जाता है। लेकिन क्या तुम्हारे गार्डन या तुम्हारी बालकनी में गुलाब है? अगर नहीं तो इसे लगाने की तैयारी में तुम अभी से जुट जाओ।

ऐसे लगाओ गुलाब
गुलाब का पौधा लगाना बेहद आसान है। तुम केवल ये 3 बातें ध्यान में रखो तो तुम्हारे पास अपना गुलाब का पौधा होगा-

सबसे पहले नर्सरी से अपनी पसंद के रंग का गुलाब का पौधा ले आओ।
पौधे को ऐसी जगह लगाओ, जहां उसे कम से कम 4 घंटे तक अच्छी धूप मिले।
रोजाना अपने गुलाब के पौधे को पानी दो।

प्यारी लिली
गुलाब की ही तरह लिली के फूल भी सफेद, नारंगी, पीले और लाल रंग में मिलते हैं। कभी विदेशों का फूल माने जाने वाले लिली की कई प्रजातियां अब भारत में भी उगाई जा रही हैं। यही नहीं, इन्हें जापान, सऊदी अरब और पाकिस्तान को निर्यात भी किया जा रहा है। लिली के बीज ज्यादातर हॉलैंड से आते है। ये फूल दिसंबर से मार्च तक बाजार में मिलेंगे। इसीलिए अगर तुम चाहते हो कि तुम्हारा बगीचा लिली से रंग-बिरंगा हो जाए तो सबसे पहले यह जानना जरूरी होगा कि इन्हें बीज और बल्बस की मदद से लगाया जाता है।

ठंड की शुरुआत में ही जमीन में 12 से 15 इंच को गड्ढा करो और उसमें लिली के बीज या बल्बस को दबा दो।
ऐसी जगह लगाओ, जहां 6 घंटे धूप आए।
तुम्हें दो बातों का बेहद ध्यान रखना होगा। पहली, लिली के दो बल्बस के बीच कुछ दूरी हो और दूसरी, रोजाना अपनी लिली के बगीचे को पानी दो।

दिल लुभाता डहेलिया
बड़े आकार और अनेक रंगों में पाया जाने वाला यह एक बेहद आकर्षक फूल है। दुनिया में डहेलिया की करीब 50,000 से अधिक प्रजातियां पाई जाती हैं। यह लाल, पीला, गुलाबी, बैंगनी, दोहरे रंगों में मिलता है और इसके फूल कई दिनों तक डाल पर बने रहते हैं। इस फूल का खिलना इसकी जड़े पर निर्भर करता है। इसलिए तुम्हें पानी का ध्यान रखना जरूरी है और हां, साथ ही इसे नाइट्रोजन-पोटाश-सोडियम खाद देनी होगी। हमेशा खिले रहने के लिए डहेलिया को अच्छी धूप की जरूरूत होती है। अगर तुम इसे खुली धूप वाली भूमि में लगाओगे तो फूल बड़े आकार के होंगे, जबकि छाया में उगे पौधों के फूल आकार में छोटे होंगे।

यूं लगाओ डहेलिया
डहेलिया को लगाने का सबसे अच्छा तरीका है नर्सरी से इसके पौधे को लाकर अपने घर में लगाना।
पहले हफ्ते में इसमें हर दूसरे दिन पानी देना होगा। उसके बाद हफ्ते में दो बार पानी डालना।
तुम्हें ध्यान रखना होगा कि तुम ज्यादा पानी न दो, क्योंकि डहेलिया का पौधा बड़ा नाजुक होता है और ज्यादा पानी देने से यह खराब हो जाएगा।

पैंसी के फूल
पैंसी के पौधे को ठंड का मौसम बहुत पसंद है। और सबसे अच्छी बात तो यह है कि अगर पैंसी के पौधे में फूल न आ रहे हों तो तुम्हें इसे उखाड़ने की जरूरत नहीं, बल्कि तुम थोड़ी सी देखभाल करो और यह दुबारा फूलों से भर जाएगा। अगर तुम इसकी मिट्टी में हमेशा पानी डालकर ठंडक बनाए रखो तो ये हमेशा खिलकर गार्डन को खूबसूरत बनाए रखेगा। लेकिन इसमें जरूरत से ज्यादा पानी मत डालना, वरना पैंसी का खूबसूरत पौधा खराब
हो जाएगा।
पैंसी के बीज को ठंड की शुरुआत में अपने बगीचे या गमले में लगा लो।
इन पौधों को 7 से12 इंच की दूरी पर लगाना और जब ये बढम्ने लगें तो इनकी लंबी शाखाओं की काट-छांट करते रहो।
पैंसी के फूल छाया में ज्यादा अच्छी तरह बढ़ते हैं।

गुलदाउदी के घने फूल
गुलदाउदी ठंड में खिलता है। यह लाल, गुलाबी, पीले और बैंगनी जैसे बहुत से रंगों में पाया जाता है। इसकी लगभग 30 प्रजातियां हैं। इस फूल का उपयोग कीटनाशक के तौर पर किया जाता है। गुलदाउदी को तुम नवंबर, जनवरी और मई-जून में से किसी भी महीने में लगा सकते हो। इसकी कई किस्में होती हैं, जैसे हजारा गेंदा, मेरी गोल्ड, बनारसी या जाफरानी, जिसमें बहुत छोटे फूल लगते हैं।

ऐसे खिलेगा गुलदाउदी
गुलदाउदी को तुम गमले में या जमीन पर कहीं भी लगा सकते हो।
अगर तुम इसे गमले में लगा रहे हो तो बड़े गमले ही उपयोग में लाओ।
तुम एक ही गमले में चार-पांच पौधे लगाना ताकि गमला भरा रहे। 

यहां सजती है फूलों की दुनिया
गार्डन टूरिज्म फेस्टिवल: दिल्ली के गार्डन ऑफ फाइव सेंसेज में हर साल फरवरी में होने वाला गार्डन टूरिज्म फेस्टिवल सुंदर और मनमोहक फूलों को देखने के लिए सबसे अच्छी जगह है। यहां तुम्हें न केवल फूलों की प्रजातियां मिलेंगी, बल्कि कई गुणकारी पौधे भी मिलेंगे। इसके साथ ही तुम यहां फूलों से बनी अलग-अलग आकृतियों को भी देख सकते हो।

द देहली फ्लावर शो: देश का यह सबसे बड़ा फ्लावर शो दिल्ली में होता है। इस शो में तुम हर किस्म के फूलों की कई प्रजातियां देख सकते हो। पुराना किला में फरवरी के महीने में होने वाले इस फ्लावर शो में कई प्रतियोगिताएं भी होती हैं, जिनमें तुम भाग ले सकते हो।

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